“भाई को गोलियां लगीं… अब पाकिस्तान से मैच खेलकर क्या मिलेगा?” – पहलगाम हमले में मारे गए गुजरात परिवार की दर्दभरी बात
गुजरात के भावनगर जिले से आए सावन परमार और किरण यतिश परमार अपने परिवार के साथ पहलगाम घूमने गए थे। लेकिन 13 सितंबर को आतंकियों ने हमला कर दिया और दोनों की जान चली गई। अब पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को मैच होना है। लेकिन सावन और किरण के परिवार वालों का कहना है – “जब हमारा भाई ही गोलियों से छिन गया तो ऐसे मैच में खुशी कैसी? हमें तो बस न्याय चाहिए।”
सावन की बहन की आँखों में आंसू हैं। वो कहती हैं –
“हमें वो मैच नहीं चाहिए… पहले भाई की लाश वापस आनी चाहिए। जिसने मार दिया, उसे सजा दो, फिर खेलो। हमें किसी तरह की खुशियाँ नहीं चाहिए।”
परिवार का कहना है कि इस समय उन्हें किसी खेल आयोजन से कोई मतलब नहीं। उन्हें बस अपने भाई और परिवार के अन्य लोगों के लिए न्याय चाहिए। उनकी ये पीड़ा हर उस इंसान का दिल हिला देती है, जिसने अपने किसी अपने को खोया हो।
सरकार से गुहार
परिवार ने प्रशासन से आग्रह किया है कि हमले के दोषियों को तुरंत पकड़कर सजा दी जाए। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे न तो खेल देखना चाहते हैं और न ही किसी उत्सव में शामिल होना चाहते हैं।
देश के सामने बड़ा सवाल
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या खेल और मनोरंजन तब भी प्राथमिकता हो सकते हैं जब कोई परिवार अपने प्रियजनों की मौत का शोक मना रहा हो? खेल महत्वपूर्ण हैं, पर इंसान की जिंदगी उससे कहीं ज्यादा कीमती है।
यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि हमें अपने लोगों का साथ देना चाहिए। खेल का उत्साह तब तक अधूरा है जब तक हर नागरिक सुरक्षित और न्याय से संतुष्ट न हो।





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