बघेली सिनेमा की दुनिया से एक बड़ी और खास खबर सामने आई है। बघेली सुपरस्टार अविनाश तिवारी ने एक नया इतिहास रचते हुए घोषणा की है कि वे बघेली भाषा में अब तक का सबसे बड़ा म्यूजिक एल्बम लेकर आ रहे हैं। इस एल्बम का नाम है – “किताब-ए-जिंदगी”, जिसमें पूरे 100 बघेली गीत शामिल होंगे।
अविनाश तिवारी ने कहा, “हमेशा मेरी आदत रही है कुछ अलग और बड़ा करने की। बघेली भाषा और संस्कृति से मेरा गहरा जुड़ाव है। इस एल्बम के ज़रिए मैं बघेली संगीत को नई पहचान देना चाहता हूँ।”
यह एल्बम सिर्फ एक संगीत परियोजना नहीं है, बल्कि बघेली संस्कृति, लोकधुनों, परंपराओं और आधुनिक संगीत का संगम है। इसमें विविध विषयों पर आधारित गीत होंगे — प्रेम, जीवन, संघर्ष, लोककथाएँ और आधुनिक युवाओं की सोच — जो बघेली जनता की भावनाओं और संस्कृति को पूरी तरह सामने लाएँगे।
फिल्मों के बाद अब अविनाश तिवारी ने म्यूजिक की दुनिया में भी कदम रखा है। यह एल्बम बघेली भाषा को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है। साथ ही, यह लोक संगीत को एक नई ऊर्जा देने का भी प्रयास करेगा, ताकि युवा पीढ़ी इसे अपनाए और अपनी जड़ों से जुड़ सके।
जानकारी के अनुसार, एल्बम की शूटिंग और रिकॉर्डिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। इसमें बघेली के कई लोक कलाकारों के साथ-साथ नए प्रतिभाशाली गायकों को भी शामिल किया जाएगा। एल्बम को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी रिलीज़ किया जाएगा ताकि देश-विदेश में रहने वाले बघेली भाषा प्रेमी इसका आनंद ले सकें।
अविनाश तिवारी की यह पहल बघेली सिनेमा और संस्कृति के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रयास न केवल स्थानीय भाषा और संगीत को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि बघेली पहचान को वैश्विक मंच पर भी स्थापित करेगा।
यह एल्बम आने वाले समय में बघेली संगीत के इतिहास में एक नई दिशा देगा।
बघेली संगीत में नया इतिहास: अविनाश तिवारी का “किताब-ए-जिंदगी” एल्बम
बघेली सिनेमा और संगीत जगत में एक शानदार और ऐतिहासिक पहल हुई है। बघेली सुपरस्टार अविनाश तिवारी अब एक ऐसे मील के पत्थर के साथ सामने आए हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ। उनकी नई पेशकश “किताब-ए-जिंदगी” बघेली भाषा का पहला भव्य म्यूजिक एल्बम है, जिसमें पूरे 100 गाने शामिल किए गए हैं। यह न सिर्फ बघेली संगीत के इतिहास में एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह संस्कृति, लोकधुन और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम भी है।
अविनाश तिवारी ने कहा है कि उन्हें हमेशा कुछ अलग और बड़ा करने की आदत रही है। इसी सोच के साथ उन्होंने बघेली भाषा में संगीत का एक ऐसा खजाना प्रस्तुत करने का फैसला किया, जो आज की पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ सके। “किताब-ए-जिंदगी” सिर्फ गानों का संग्रह नहीं है, बल्कि बघेली पहचान, परंपरा और भावना का एक उत्सव है।
इस एल्बम में बघेली लोक संस्कृति की झलक मिलेगी—प्रेम, जीवन संघर्ष, समाज, प्रकृति और युवाओं की सोच पर आधारित विविध गीत इसमें शामिल हैं। एल्बम को तैयार करने में बघेली लोक कलाकारों और नए प्रतिभाशाली गायकों को भी जगह दी गई है ताकि हर वर्ग की आवाज़ इसमें शामिल हो।
यह एल्बम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि बघेली भाषा प्रेमी देश-विदेश में इसे सुन सकें और साझा कर सकें। साथ ही, यह पहल बघेली संगीत को नए श्रोताओं तक पहुँचाने और उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगी।
पोस्टर में स्पष्ट लिखा गया है—“पहली बार एक एल्बम में 100 गाने” और “बघेली गानों का शतक।” इससे यह साफ है कि अविनाश तिवारी की यह परियोजना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में बड़ा कदम है।
यह पहल बघेली भाषा और संगीत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगी। आने वाले समय में यह एल्बम बघेली सिनेमा के लिए प्रेरणा बनेगा और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका देगा। अविनाश तिवारी का यह प्रयास निश्चित ही बघेली संगीत को विश्व पटल पर स्थापित करेगा।






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